शनिवार, 20 जुलाई 2013

जय श्री कृष्णा <<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<
सोच रहा हूँ की क्या दोस्तों के नाम भेज दूँ ,
दिल तो कहता है की सुन्दर सा गुलाब भेज दूँ.......
आँखें कहती हैं सुनहरा सा एक ख्वाब भेज दूँ........
फिजायें कहती हैं की मौसमे-सवाब भेज दूँ...........
हवाएं कहती हैं मीठा सा कोई एहसास भेज दूँ.........
घटायें कहती हैं उनमे खुशियों के बरसात भेज दूँ........
दोस्ती कहती है कुछ नहीं बस एक सलाम भेज दूँ.......
मैंने तय किया की प्यार भरा एक जाम भेज दूँ.......
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प्यार भरा एक जाम भेज रहा हूँ फूलों के साथ
नमस्कार और सलाम भेज रहा हूँ नव-सूरज के साथ

~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या~~~

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