रविवार, 21 जुलाई 2013

शायरी


यह जिन्दगी का सफ़र तो यूँ ही बरकरार रहता है,
फिर भी आने वाले कल पर हमें ऐतबार रहता है,
जीत लेंगे अबकी हम कर्म-क्षेत्र अपना किसी भी हाल में,
अक्सर सद्गुण वादियों का यही निर्भय विचार रहता है।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

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