शनिवार, 20 जुलाई 2013

जय हिन्द

हैं जो आज के नेता शायद उन्हें तेरी मिट्टी नहीं प्यारी,

ना जाने किस काम के हैं ये सब किसलिए ये बनी है उनकी क्यारी,

आजाद होते हुए देश शहीद हो रहे सपूत माँ के सरबजीत हुए इसके हितकारी,

हर दरवाजे जीते-जी खटखटाए उसने नहीं सुने ये राजनीतिक व्यापारी,

घर में हुई पतनी विधवा बेगुनाह अनाथ हुईं दो बेटियां बेचारी ,

सांत्वना देते कह रहे हैं इस घटना से हम भी हुए दुखियारी ,

खर्च करते करोडो यहाँ देश-द्रोहियों पर पैसे की कर से बनाते क्यारी,

आखिर कब तक होगी कुनीति और बेवजह व्याभिचारी ,
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या

>>>>>>>>>जय हिन्द<<<<<<<<<
>>>>>>>वनदे-मातरम<<<<<<<

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