चिडियाँ चहचहा चुके हैं
कोयल आपको बुला चुके हैं
सूरज-पूरब से निकल पडे हैं
फिजाओं मे नव-स्फूर्ति आ चुके हैं
उठो दोस्तों आज का दिवस है तुम्हारा
हवा भी सिमसिम है और मौसम भी प्यारा
अम्रित का जाम भेज रहा हूँ
फूलों के साथ
नमस्कार और सलाम भेज रहा हूँ
नव-सूरज के साथ
मुबारक हो आपको ये नयी सुबह
पैगाम भेज रहा हूँ
तहे-दिल के साथ
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM
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