|ॐ| माँ सरस्वती वंदना |ॐ|
.....................
हे माँ शारदे हे माँ शारदे,
तू अब मुझे भी तार दे
तारा है तूने वाल्मीकि को
तारा है कालिदास महान को
तू है माँ जगत-जननी
तू है माँ वीणा-वादनी
तू विद्या दायिनी
तू करुणा दायिनी
माँ कितना बताऊँ मै
तू ही है जगत-जननी
लेने स्वरों का पिटारा
सुर-नर-मुनि आते तेरे द्वार को
विनती सुन इस पुत्र की भी
काट विद्या-बुद्धि के विकार को
इसे भी अपना प्यार दे
माँ स्वरों का संसार दे
नव-नभ के इस अल्पज्ञ-विहग को
नव-पर नव-स्वर नव-ताल दे
तन-मन-धन सब अर्पित तुझे
शब्दों और सुरों का भंडार दे
हे माँ शारदे हे माँ शारदे
अपने इस पुत्र को भी तार दे
................
........जय श्री कृष्णा .........
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या} <<<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419176564838111&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
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हे माँ शारदे हे माँ शारदे,
तू अब मुझे भी तार दे
तारा है तूने वाल्मीकि को
तारा है कालिदास महान को
तू है माँ जगत-जननी
तू है माँ वीणा-वादनी
तू विद्या दायिनी
तू करुणा दायिनी
माँ कितना बताऊँ मै
तू ही है जगत-जननी
लेने स्वरों का पिटारा
सुर-नर-मुनि आते तेरे द्वार को
विनती सुन इस पुत्र की भी
काट विद्या-बुद्धि के विकार को
इसे भी अपना प्यार दे
माँ स्वरों का संसार दे
नव-नभ के इस अल्पज्ञ-विहग को
नव-पर नव-स्वर नव-ताल दे
तन-मन-धन सब अर्पित तुझे
शब्दों और सुरों का भंडार दे
हे माँ शारदे हे माँ शारदे
अपने इस पुत्र को भी तार दे
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........जय श्री कृष्णा .........
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या} <<<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419176564838111&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater

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