गम से परे हैं हम-हमारा संसार,
खुशियों का सूरज देखा हूँ...
तमन्नाओं के लिए वक्त नहीं,
ना ही रखता किस्मत-विश्वास हूँ,
मैं हूँ क्या जो की मैं हूँ...
नामोदय तो जगत से है,
जो आज अंगिराप्रसाद हूँ...
जाने कब ये पहर बीत जाए,
पाओगे इक मृत ख़ाक हूँ...
प्रेम करता हूँ विनम्रता से,
ना सोचना प्रेम-विकाश हूँ...
प्रेमी से प्रेम है धर्म मेरा,
ना रखता घृणा-विश्वास हूँ...
कुछ भी हो अति-प्रसन्न हूँ,
परमेश्वर-कृष्ण का दास हूँ.
...जय श्री कृष्णा.......
अंगिरा प्रसाद मौर्या....https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419571134798654&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
खुशियों का सूरज देखा हूँ...
तमन्नाओं के लिए वक्त नहीं,
ना ही रखता किस्मत-विश्वास हूँ,
मैं हूँ क्या जो की मैं हूँ...
नामोदय तो जगत से है,
जो आज अंगिराप्रसाद हूँ...
जाने कब ये पहर बीत जाए,
पाओगे इक मृत ख़ाक हूँ...
प्रेम करता हूँ विनम्रता से,
ना सोचना प्रेम-विकाश हूँ...
प्रेमी से प्रेम है धर्म मेरा,
ना रखता घृणा-विश्वास हूँ...
कुछ भी हो अति-प्रसन्न हूँ,
परमेश्वर-कृष्ण का दास हूँ.
...जय श्री कृष्णा.......
अंगिरा प्रसाद मौर्या....https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419571134798654&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
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