जिन्दगी की सत और इक अजब रीत है,
कहते हैं लोग की ये प्यार की गीत है,
भले हो ना हो तूँ मीत किसि का पर,
तेरा चरित्र ही तेरा मीत है।
तू बचना नहीं किसी से डरना नहीं,
तेरा नहीं कोई तू किसी का मीत है।
जिंदगी की सत और इक अजब रीत है,
कहते हैं लोग की ये प्यार की गीत है।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM
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