शनिवार, 20 जुलाई 2013


February 21 

>>>जय श्री कृष्णा <<<
तारे छा गए हैं आसमान में
अब नीद हमें बुला रही है...
पर हैं मेरे यही अरमान
दिल से आवाज सी आ रही है...
हम दोस्त बिछड़ अल्पसमय को
हमारी दोस्ती बता रही है...
सितारों को भेज रहा हूँ
आपको सुलाने के लिए ...
चाँद भी राजी हो गए हैं
आपको लोरियां सुनाने के लिए...
खो जाओ प्यारे सपनों में
अब नीद हमें बुला रही है...
आपका सुबह मंगलमय हो
सूरज का आह्वान एडवांस कर रहा हूँ...
आयेंगे मेरे मित्रों को जगाने के लिए...
...
सभी मित्रों को सहृदय शुभ्रात्री ..
...
>>>जय श्री कृष्णा<<<
आपकाही मित्र है ...
>>>{अंगिर प्रसाद मौर्या}<<
 

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