सोमवार, 29 जुलाई 2013

रीत जिंदगी की


जिन्दगी की सत और इक अजब रीत है,
कहते हैं लोग की ये प्यार की गीत है,
भले हो ना हो तूँ मीत किसि का पर,
तेरा चरित्र ही तेरा मीत है।
तू बचना नहीं किसी से डरना नहीं,
तेरा नहीं कोई तू किसी का मीत है।
जिंदगी की सत और इक अजब रीत है,
कहते हैं लोग की ये प्यार की गीत है।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शनिवार, 27 जुलाई 2013

एक गीत उनके आने की ख़ुशी में

दिल तो है दिल ही तो है
अच्छा की तुम पे आ गया,
तुझ को पाया तो जहाँ की
हर ख़ुशी मै पा गया।।
तेरे आने की ख़ुशी क्या
ग़मों की अब काली छटी है
तू जो आई तो मेरी दुनियाँ
संग तेरे कितनी हँसी है।
तुझको पाके मेरे हमदम दोनों जहाँ मै पा गया,
दिल तो है दिल ही तो है, अच्छा की तुम पे आ गया।।
तेरी इन बाहों में लिपटे
हर ख़ुशी हम वार देंगे,
अपने इन आँखों को साजन,
बस तेरा दीदार देंगे।
तेरे कदमों में ए साजन सातों जहाँ मै पा गयी।
दिल तो है दिल ही तो है अच्छा की तुमको भा गयी।
प्यार तो है तू ही तो है सारा जहाँ मैं पा गयी।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

बुधवार, 24 जुलाई 2013

प्यार क्या है इस बारे में मेरे कुछ शब्द

तत्व वह है जिसे समझा पर पूरा जाना नहीं जा सकता।
निभाया तो जा सकता है पर मिटाया नहीं जा सकता।
गर हो जाए प्यार तो उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इसे बढ़ाया तो जा सकता है पर घटाया नहीं जा सकता।
है इसमें चाहत कितनी इसे आजमाया नहीं जा सकता।
झुक सकती है दुनिया पर इसे झुकाया नहीं जा सकता।
इसकी जुदाई में है दर्द कितना ये बताया नहीं जा सकता।
प्यार वह है जिसके बिना ये दुनिया बनाया नहीं जा सकता।
~~~~~~~~~जय श्री कृष्णा~~~~~~~~~ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

मंगलवार, 23 जुलाई 2013

एक गीत उनकी यादों में

चलते चलते राहों में रुकने की आदत हुई थी,
तेरी ख्वाहिस ही ना थी कि तेरी चाहत हुई थी।।

तेरे लबों पे कलियाँ जो खिलने लगी थी,
मेरी यादों से हरपल तू मिलने लगी थी,
जान के भी नादाँ नज़रे बहकनेे लगी थी,
सोचा बहुत फिर भी खुद से सिकायत हुई थी,
तेरी ख्वाहिस ही ना थी कि तेरी चाहत हुई थी।।

कुसूर किसका ये राम जाने,
हम तो हुए थे नए दीवाने,
तमन्ना थी दिल कब तू जाने,
की हमें तेरे जैसी ही एक रोग भयानक हुई थी,
तेरी ख्वाहिस ही ना थी की तेरी चाहत हुई थी।।

आज फिरता हूँ गलियों में बनके आँवारा,
की तेरा साथ छूटे ये ना था गँवारा,
तेरी उम्मीद में ख्वाब बुनते थे अक्सर,
तेरे बिना मेरे साथ तेरे रहने की आहट हुई थी
तेरी ख्वाहिस ही ना थी की तेरी चाहत हुई थी।।

चलते चलते राहों में रुकने की आदत हुई थी,
तेरी ख्वाहिस ही ना थी की तेरी चाहत हुई थी।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

रविवार, 21 जुलाई 2013

शुभ-संध्या


फिर देखो आई ये संध्या ,
बाण मोहनी चलाई ये संध्या,
भरी जूनून में अति ये संध्या,
मित्र-बंधु को मेरा शुभ-संध्या।।

हो सर्दी गर्मी या वर्षा का मौसम,
बन्धनों उलझनों में कितने भी हों हम,
हो चंद पलों का या वर्षों का गम,
चंद-दृश्य में हो जाते हैं सब नम।।
फिर...................शुभ-संध्या।

मुझे तो अपना गीत सुनाती,
मानों खुद मन-मीत बताती,
कुछ भी हो प्रतिपल इतराती,
मधुर हवांएं लहराती है संध्या।।
फिर देखो आई ये संध्या,
बाण मोहनी चलाई ये संध्या,
भरी जूनून में अति ये संध्या,
मित्र-बंधु को मेरा शुभ-संध्या।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~ Angira Prasad Maurya
~~~~~~~~~APM
>>>>>>>जय श्री कृष्णा<<<<<<<

शुभ-संध्या


फिर देखो आई ये संध्या ,
बाण मोहनी चलाई ये संध्या,
भरी जूनून में अति ये संध्या,
मित्र-बंधु को मेरा शुभ-संध्या।।

हो सर्दी गर्मी या वर्षा का मौसम,
बन्धनों उलझनों में कितने भी हों हम,
हो चंद पलों का या वर्षों का गम,
चंद-दृश्य में हो जाते हैं सब नम।।
फिर...................शुभ-संध्या।

मुझे तो अपना गीत सुनाती,
मानों खुद मन-मीत बताती,
कुछ भी हो प्रतिपल इतराती,
मधुर हवांएं लहराती है संध्या।।
फिर देखो आई ये संध्या,
बाण मोहनी चलाई ये संध्या,
भरी जूनून में अति ये संध्या,
मित्र-बंधु को मेरा शुभ-संध्या।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~ Angira Prasad Maurya
~~~~~~~~~APM
>>>>>>>जय श्री कृष्णा<<<<<<<

दो शब्द उनके लिए भी


ना जानें वो लोग कहाँ जो प्यार करते हैं,
ना जानें वो लोग कहाँ जो इनकार करते हैं,
ना जानें वो भी कहाँ और किस हाल में संगदिल,
जिसे अनजानें में ही हम बेपनाह प्यार करते हैं।।

भगवान करें वो जहाँ भी जिस हाल में हो,
खुशियों एवं शुभ-संदेशों के भरमार में हो,
यही शुभकामना निकलती है ना जाने क्यूँ दिल से,
सोचता हूँ कहीं परीक्षाओं का शैलाब ना हो।।

अभी उम्र में अंजान हैं हम,
इंसान मगर नादान हैं हम,
लाखों दुवाएँ करते हैं फिर भी,
मानों उसपे कुर्बान हैं हम ।।
~~~~~~~~~ Angira Prasad Maurya
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM
>>>>>>>जय श्री कृष्णा<<<<<<<

कविता - चलो यहीं कहीं पर खो जाएँ हम

चलो यहीं कहीं पर खो जाएँ हम,
इक दूजे में मिलकर सो जाएँ हम ।

रुसवाई की बौछार यहाँ है
बेवफाई की दरकार यहाँ है
इंसान नहीं बेईमान यहाँ हैं
अब क्या और कुछ पाएँ हम।।
चलो................. जाएँ हम।

मिलते ही कुछ आस लगी है,
मेहनत की ना रास लगी है,
उन्हें तो कमीशन ही बस भाती,
खुशियों का जहाँ कहाँ पाएँ हम।।
चलो................... जाएँ हम।

इंसानियत की अब जिकर नहीं है,
इज्ज़त की अब फिकर नहीं है,
लूट लो जितना वही सही है
अब ऐसों को क्या पिघलाएं हम।।
चलो................. जाएँ हम।

यूँ मानो मैं टूट चुका अब,
खुद से ही मैं रूठ चूका अब,
हँस लेता बस कुछ वादों के बल,
इस सत्य-हृदय को क्या समझाएँ हम।।
चलो यहीं कहीं पर खो जाएँ हम,
इक-दूजे में मिलकर सो जाएँ हम।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शुभ-प्रभात


चिडियाँ चहचहा चुके हैं
कोयल आपको बुला चुके हैं
सूरज-पूरब से निकल पडे हैं
फिजाओं मे नव-स्फूर्ति आ चुके हैं
उठो दोस्तों आज का दिवस है तुम्हारा
हवा भी सिमसिम है और मौसम भी प्यारा
अम्रित का जाम भेज रहा हूँ
फूलों के साथ
नमस्कार और सलाम भेज रहा हूँ
नव-सूरज के साथ
मुबारक हो आपको ये नयी सुबह
पैगाम भेज रहा हूँ
तहे-दिल के साथ
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शुभ-रात्रि


सोच रहा हूँ एक गुलाब भेज दूँ ,
एक प्यारा अल्फाज़ भेज दूँ |
जा रहा हूँ सोने पर दिल करता है,
आपकी पलकों पर एक प्यारा ख्वाब भेज दूँ |
जय श्री कृष्णा
तहे दिल से सभी मित्रों और बंधुओं को
शुभ-रात्रि
>>>{अंगिर प्रसाद मौर्या }<<

शायरी


यह जिन्दगी का सफ़र तो यूँ ही बरकरार रहता है,
फिर भी आने वाले कल पर हमें ऐतबार रहता है,
जीत लेंगे अबकी हम कर्म-क्षेत्र अपना किसी भी हाल में,
अक्सर सद्गुण वादियों का यही निर्भय विचार रहता है।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शायरी


यह जिन्दगी का सफ़र तो यूँ ही बरकरार रहता है,
फिर भी आने वाले कल पर हमें ऐतबार रहता है,
जीत लेंगे अबकी हम कर्म-क्षेत्र अपना किसी भी हाल में,
अक्सर सद्गुण वादियों का यही निर्भय विचार रहता है।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शायरी


यह जिन्दगी का सफ़र तो यूँ ही बरकरार रहता है,
फिर भी आने वाले कल पर हमें ऐतबार रहता है,
जीत लेंगे अबकी हम कर्म-क्षेत्र अपना किसी भी हाल में,
अक्सर सद्गुण वादियों का यही निर्भय विचार रहता है।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

कुछ अपने होते हैं कुछ बेगाने रह जाते हैं, अक्सर हम इस दुनियां से अन्जाने रह जाते हैं, कल बीता फिर भी चंद फ़साने रह रह जाते हैं, कभी हम ही खुद में खुद से बेगाने रह जाते हैं।। ~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या ~~~~~~~~~APM


कुछ अपने होते हैं कुछ बेगाने रह जाते हैं,
अक्सर हम इस दुनियां से अन्जाने रह जाते हैं,
कल बीता फिर भी चंद फ़साने रह रह जाते हैं,
कभी हम ही खुद में खुद से बेगाने रह जाते हैं।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

दोस्ती के लिए मेरी पंक्तियाँ


यूँ तो ये रूहानी रिश्ता है मंजूर हमें,

चाहे आयें कितनी भी तकलीफें-गमे,

अब तक तो दोस्त ही जानते थे आप,

पर हम तो हैं आपको अब भाई चुनें ।।
~~~~~~~~~APM

वह आने से पहले ही........!

वह आने से पहले ही जाने की सोच लिए,
कभी रूठने से पहले ही मानाने को सोच लिए,
जाने क्या उम्मीद थी उनकी हम-रास्तों से,
जो अपनाने से पहले ही बेगाने को सोच लिए।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

शनिवार, 20 जुलाई 2013

जय हिन्द

हैं जो आज के नेता शायद उन्हें तेरी मिट्टी नहीं प्यारी,

ना जाने किस काम के हैं ये सब किसलिए ये बनी है उनकी क्यारी,

आजाद होते हुए देश शहीद हो रहे सपूत माँ के सरबजीत हुए इसके हितकारी,

हर दरवाजे जीते-जी खटखटाए उसने नहीं सुने ये राजनीतिक व्यापारी,

घर में हुई पतनी विधवा बेगुनाह अनाथ हुईं दो बेटियां बेचारी ,

सांत्वना देते कह रहे हैं इस घटना से हम भी हुए दुखियारी ,

खर्च करते करोडो यहाँ देश-द्रोहियों पर पैसे की कर से बनाते क्यारी,

आखिर कब तक होगी कुनीति और बेवजह व्याभिचारी ,
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या

>>>>>>>>>जय हिन्द<<<<<<<<<
>>>>>>>वनदे-मातरम<<<<<<<
ठोक छाती अब तुम उन्हें ललकार दो,
वो कर रहें प्रहार तुम भी प्रहार दो...
लेना है हर कतरे-लहू का बदला ,
ना की उन्हें अब सम्मान दो....
कब तक शहीद होंगे भगतसिंह..
तुम भी माँ-भारती को सम्मान दो...
..............जय हिन्द....
.......जय भारत ..........
.....वन्दे-मातरम ........
...........अंगिरा प्रसाद मौर्या ........

दहेज प्रथा है किन किन कदमो को जन्म देता,
मनुष्य बेटी को अब गर्भ में ही मृत्यु दे देता..
क्या कुसूर रहता उस अनजान का इस दुनिया से,
है ये समाज उसे जिन्दगी छीन सजा देता .
*****
नहीं मिलेगा सुकून दुनिया में मानवता तोड़कर,
किसी बाप के दिल की दुनिया न लूटो..
हो जाओगे तुरत सुखमय देखो जरा नाता प्रेम से जोड़कर,
पर नाशवान इस दुनिया में पाप मत घूंटो ...
*******
मिटा दो दहेज प्रथा को ये तुमसे है...
पी लो प्रेम का प्याला जो सदा से है...
*******
~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या
जय श्री कृष्णा ! जय हिन्द ! वन्दे-मातरम !https://www.facebook.com/photo.php?fbid=338060579630858&set=a.309166969186886.46851.309164945853755&type=1&theater
शुभकामना है दिल से मित्रों के लिए:-

इस एक स्वप्न से क्या होता है गर कुछ ज्यादा ना हो पाने के लिए,
मित्रों उनसे क्या रूठना जो ना आये हमें कभी मनाने के लिए,
तय किया है कल वहाँ होंगे जहाँ आयें हमें सूरज जगाने के लिए,
रंगीन पल तो बहुत आते हैं स्वप्न देखो खुली आँखों से ऊँचाईओं को पाने के लिए।।
~~~~~~~~~APM
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
>>>{जय श्रीकृष्णा}<<<
***
तारे छा गये हैं आसमाँ में
नींद अब हमें बुला रही है
है यहि दिल के अरमाँ में
लफ्जों मे अब आवाज सी आ रही है
कि हम दोस्त चन्द
समय के लिए बिछड़ रहे है
पर कल फिर हर्सोल्लास के
नव-सूरज का अह्वान कर रहें हैं
सितारों को भेज रहा हूँ
आपको सुलाने के लिए
चाँद भी जा रहे हैं
खिस्से सुनाने के लिए
खो जाओ प्यारे सपनों में
नींद अब हमें बुला रही है
सुबह सूरज से आग्रह किया हूँ
आएंगे आपको जगाने के लिए
>>>शुभ्-रात्रि<<<
***
>>>{जय श्रीकृष्णा}<<<
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या}<<<
हरि के प्रभु प्रभु के हरी दोनों की विचित्र है माया।
कौन बड़ा है मैं ना जानू क्यूंकि है झूठी मेरी काया।।
यूँ तो पूरा ब्रह्मांड है प्रभु सच्चिदानंद में समाया।
अब हरी जाने या प्रभु जाने हरी व प्रभु की माया।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM
होली पर मेरी एक छोटी सी रचना<<<<<<<
है होली भारत का एक प्रमुख और अनुपम त्यौहार-
प्रतिपल खिलता विभिन्न रंगों से यहाँ बहार -
परम्पराओं की भी सीमा है तुम न करना अत्याचार -
है पर्व ये प्रेम-विखेरन सो बिखेरो पाओ प्रेम अपार-
इस दिन तो मानो रंगों से रंग जाता सारा संसार -
माना जाता होलिका और प्रहलाद को इसका आधार -
बीत रहा ये सत्र और होता नव-सत्र का प्रसार
एवं मनु का जन्मदिवस ये सब भी हैं इसीके आसार -
अब त्यागो कटुताएं मन में लाओ नव-बहार -
होगा जब भाई-चारा तभी है सुखी ये सार संसार -
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या
जय श्री कृष्णा ! जय हिन्द ! जय माँ भारती
शुभ-रात्रि मित्रवर <<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<
आपकी रात्रि में आज चाँद आ जाये
प्यार भरे लोरियां सुनाते रहें <<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<
आपको नीद गर आ जाये तो सो जाना
मैं चाँद से आग्रह किया हूँ सहलाते रहें <<<<<<<<<<<<<<<<
रात्री शुखद और शुखपूर्ण हो आपकी
नित्य प्यारे-न्यारे सपने सजाते रहें <<<<<<<<<<<<<<<<<<
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~जय श्री कृष्णा ~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
|$| ॐ जय सरस्वती माता |$|
~~~~~~~~मेरी ओर से एक छोटा सा सरस्वती वंदना~~~~~~~
विनती करूँ माँ चरणों में तेरी,
~~~~~~~हे मातु मेरी ! हे मातु मेरी !
अंधियारा है इस ह्रदय में हे माँ, करता है ये तो प्रतिपल बसेरा~~~~~~~
ज्ञानोदय कर कण-कण में हे माँ, हो जागृत मेरे मन में सबेरा ~~~~~~~
स्वरों में आके बस जा तू हे माँ, गाऊँ मैं निशदिन प्रिय-गीत तेरी~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~हे मातु मेरी ! हे मातु मेरी !
~~~~~~~जय श्री कृष्णा~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
जय श्री कृष्णा <<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<
सोच रहा हूँ की क्या दोस्तों के नाम भेज दूँ ,
दिल तो कहता है की सुन्दर सा गुलाब भेज दूँ.......
आँखें कहती हैं सुनहरा सा एक ख्वाब भेज दूँ........
फिजायें कहती हैं की मौसमे-सवाब भेज दूँ...........
हवाएं कहती हैं मीठा सा कोई एहसास भेज दूँ.........
घटायें कहती हैं उनमे खुशियों के बरसात भेज दूँ........
दोस्ती कहती है कुछ नहीं बस एक सलाम भेज दूँ.......
मैंने तय किया की प्यार भरा एक जाम भेज दूँ.......
>>>>>>>>>>>><<<<<<<<<<<<<<
प्यार भरा एक जाम भेज रहा हूँ फूलों के साथ
नमस्कार और सलाम भेज रहा हूँ नव-सूरज के साथ

~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या~~~
जय श्री कृष्णा <<<<<<<<<<<<<
***
मित्रवर जन्मदिवस की आपको हार्दिक शुभकामनायें,
प्रेम हो सबसे और सबका प्रेम आप भी पायें ....
हो आपका अग्रिम जीवन सुघर,न्यारा और सुन्दर,
कदम चूमें आपकी चूमती रहें सारी सफलताएं .......
***
जय श्री कृष्णा<<<<<<<<<<<<<<
.......आपका मित्र - अंगिरा प्रसाद मौर्या .....
February 23 

|$| ॐ श्रीराधेगोविन्दाय नमः |$|
प्रभु-चरणों में विनती है हमारी,
माथा टेकती जहाँ ये दुनियासारी |…प्रभु-चरणों में.......||

हे हृषिकेश ! हे जगतनरेश !
दो आत्मज्ञान करो श्रीगणेश !
अज्ञानी हैं हम सब दुखियारी......प्रभु-चरणों में .......||

हे जगदीश्वर ! हे परमेश्वर !
करो कृपा हों मेरे मृदु-श्वर !
है ये दुनिया बस प्रेम से हारी.......प्रभु-चरणों में.........||

हे परमपिता ! हे कृष्णमुरारी !
है अधीन आपके ये सृष्टिसारी |
प्रभु हर लो अब मेरी भी अंधियारी...प्रभु-चरणों में......||
......................अंगिरा प्रसाद मौर्या ...
>>>>>>>>जय श्री कृष्णा<<<<<<<<<<<<<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=420126174743150&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
जय श्री कृष्णा <<<<<<<<<<<<<<<<<><<<<<<<<<<<<<<<<<<<
शुभ-प्रभात मित्रवर नित्य जागृत हो सद्भावना ,@@@@@@@@
मिटे सारे आपके विकार और सारी दुर्भावना .√√√√√√√√√√√√√√
पूरे हों सारे सपने आपके और सारी मनोकामना ………………………………
उन्नतशील हों आपके दिवस है यही शुभकामना.√√√√√√√√√√√√√
जय श्री कृष्णा <<<<<<<<<<<<<<<<<<<>>><<<<><><<<<<<<<
..........
आपका मित्र->>>अंगिरा प्रसाद मौर्या..... <<<<<<<<<<<<<<<<<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419955678093533&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
गम से परे हैं हम-हमारा संसार,
खुशियों का सूरज देखा हूँ...
तमन्नाओं के लिए वक्त नहीं,
ना ही रखता किस्मत-विश्वास हूँ,
मैं हूँ क्या जो की मैं हूँ...
नामोदय तो जगत से है,
जो आज अंगिराप्रसाद हूँ...
जाने कब ये पहर बीत जाए,
पाओगे इक मृत ख़ाक हूँ...
प्रेम करता हूँ विनम्रता से,
ना सोचना प्रेम-विकाश हूँ...
प्रेमी से प्रेम है धर्म मेरा,
ना रखता घृणा-विश्वास हूँ...
कुछ भी हो अति-प्रसन्न हूँ,
परमेश्वर-कृष्ण का दास हूँ.
...जय श्री कृष्णा.......
अंगिरा प्रसाद मौर्या....https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419571134798654&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
....जय श्री कृष्णा <<<<<
मै अपने सारे गुलाब दे रहा हूँ आज के सुबह नमस्कार के साथ ,
बधाई हो आपको गुलाब दिवस और मिले ढेर सारी खुशियाँ ,
है आपके लिए तोहफा आज का इस प्रेमभरे-दिल के साथ
...जय श्री कृष्णा .....
आपका मित्र -[***]
....Happy Rose Day >>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या} <<<
>>>जय श्री कृष्णा <<<
गर सावन न आता तो बरसात कहाँ
न डूबता सूरज तो रात कहाँ ...
सभी दोस्तों को मेरा शुभप्रभात ..
बिना आपके दिन की सुरुआत कहाँ ...
नमस्कार और सलाम कर रहा हूँ
फूलों के साथ...
आज की हर किरण मंगलमय हो
नव-सूरज के साथ....
>>>जय श्री कृष्णा<<<
जय श्रीकृष्ण
आपकी रात्रि में चाँद न हो चाँद आ जाए
गम हो जिंदगी में तो वो आज ही खो जाए
सहर्ष दिल से सबको मेरा शुभरात्री
आपका कल का सुबह खुशहाल हो जाए ....

February 21 

>>>जय श्री कृष्णा <<<
तारे छा गए हैं आसमान में
अब नीद हमें बुला रही है...
पर हैं मेरे यही अरमान
दिल से आवाज सी आ रही है...
हम दोस्त बिछड़ अल्पसमय को
हमारी दोस्ती बता रही है...
सितारों को भेज रहा हूँ
आपको सुलाने के लिए ...
चाँद भी राजी हो गए हैं
आपको लोरियां सुनाने के लिए...
खो जाओ प्यारे सपनों में
अब नीद हमें बुला रही है...
आपका सुबह मंगलमय हो
सूरज का आह्वान एडवांस कर रहा हूँ...
आयेंगे मेरे मित्रों को जगाने के लिए...
...
सभी मित्रों को सहृदय शुभ्रात्री ..
...
>>>जय श्री कृष्णा<<<
आपकाही मित्र है ...
>>>{अंगिर प्रसाद मौर्या}<<
 

February 21 


https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419179921504442&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
ॐ श्रीराधेगोविन्दाय नमः
कृष्णं-वन्दे प्रभु की ही माया है इस जहाँ में सारा,
दिया है गीता का ज्ञान है मनु-चरित्र न्यारा ..
अध्ययन और श्रवण से है मिटता अधियारा ,
शरणागत हो शरणागत हो जाओ हरेंगे पाप-सारा
...............
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या}<<<
.....
......जय श्री कृष्णा ....<<<<

|ॐ| माँ सरस्वती वंदना |ॐ|
.....................
हे माँ शारदे हे माँ शारदे,
तू अब मुझे भी तार दे
तारा है तूने वाल्मीकि को
तारा है कालिदास महान को
तू है माँ जगत-जननी
तू है माँ वीणा-वादनी
तू विद्या दायिनी
तू करुणा दायिनी
माँ कितना बताऊँ मै
तू ही है जगत-जननी
लेने स्वरों का पिटारा
सुर-नर-मुनि आते तेरे द्वार को
विनती सुन इस पुत्र की भी
काट विद्या-बुद्धि के विकार को
इसे भी अपना प्यार दे
माँ स्वरों का संसार दे
नव-नभ के इस अल्पज्ञ-विहग को
नव-पर नव-स्वर नव-ताल दे
तन-मन-धन सब अर्पित तुझे
शब्दों और सुरों का भंडार दे
हे माँ शारदे हे माँ शारदे
अपने इस पुत्र को भी तार दे
................
........जय श्री कृष्णा .........
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या} <<<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=419176564838111&set=a.419168074838960.98180.419165604839207&type=1&theater
ॐ श्रीराधेगोविन्दाय नमः
हे भक्त्वृन्दों के प्राणप्यारे
नमामि राधे नमामि कृष्णं
तुम्हीं हो माता -पिता हमारे
नमामि राधे नमामि कृष्णं
हे कृपालु
हे दयालु
हे विधाता
प्रभु मैं अपने इस पुस्तक में अनेक और विविध प्रकार के लेख निर्माण कर सकूँ
ऐसा आशीस दीजिये
जाने -अनजाने में कोई त्रुटी होगी
उसके लिए क्षमा की विनती है
हे भक्त धरोहर
अंगीरा प्रसाद तो
आप ही का दास है
जो कुछ घटित होगा वो
आपका विधान है
मैं आरम्भ करता हूँ ये पुस्तक
मुझे आपका सम्मान है
.......जय श्री कृष्णा ........
.......राधे राधे ........
यही हमारा गुणगान है .......
>>>{अंगिरा प्रसाद मौर्या } <<<