बुधवार, 24 जुलाई 2013

प्यार क्या है इस बारे में मेरे कुछ शब्द

तत्व वह है जिसे समझा पर पूरा जाना नहीं जा सकता।
निभाया तो जा सकता है पर मिटाया नहीं जा सकता।
गर हो जाए प्यार तो उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इसे बढ़ाया तो जा सकता है पर घटाया नहीं जा सकता।
है इसमें चाहत कितनी इसे आजमाया नहीं जा सकता।
झुक सकती है दुनिया पर इसे झुकाया नहीं जा सकता।
इसकी जुदाई में है दर्द कितना ये बताया नहीं जा सकता।
प्यार वह है जिसके बिना ये दुनिया बनाया नहीं जा सकता।
~~~~~~~~~जय श्री कृष्णा~~~~~~~~~ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

1 टिप्पणी:

  1. है इसमें चाहत कितनी इसे आजमाया नहीं जा सकता।
    झुक सकती है दुनिया पर इसे झुकाया नहीं जा सकता।....bahut sunder paribhasit kiya aapne

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