शनिवार, 20 जुलाई 2013

शुभकामना है दिल से मित्रों के लिए:-

इस एक स्वप्न से क्या होता है गर कुछ ज्यादा ना हो पाने के लिए,
मित्रों उनसे क्या रूठना जो ना आये हमें कभी मनाने के लिए,
तय किया है कल वहाँ होंगे जहाँ आयें हमें सूरज जगाने के लिए,
रंगीन पल तो बहुत आते हैं स्वप्न देखो खुली आँखों से ऊँचाईओं को पाने के लिए।।
~~~~~~~~~APM
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या

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