शनिवार, 2 नवंबर 2013

शुभ-दीपावली

ॐ श्री राधेगोविन्दाय नमः
*******
परम्पराएँ तो बहुत हैं हिन्द में,
इसे प्रेम-प्रकाश पर्व मानों तुम।
मिलेंगी गाथाएँ भी बहुत हिन्द में,
इसे उनका उदय ही जानों तुम।
मिटती सारी कटुताएं इस दिन,
इसे हिन्द की विजय जानों तुम।
छोड़ दो छल की मिलावट,
अन्तः प्रकाश को भी जानों तुम।
अस्तित्व यहीं से है जगत का,
प्रतिज्ञा है हिन्द की ये मानों तुम।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM
दिनाँक:- ०३/११/२०१३

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपनी छवि स्वयं न ख़राब करें /-
अभद्र टिप्पणियों से बचें /-