शुक्रवार, 8 मार्च 2019

अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस

ईश्वर के पश्चात पुरूष सर्वाधिक ऋणी नारी का है, एक तो पृथ्वी पर जीवन के लिए और दूसरा जीवन को जीने योग्य बनाने के लिए।

नारी अचूक है नारी अटूट है, यदि नारी को तोड़ने का प्रयास किया जाय तो भी असफल प्रयास ही किया जा सकता है।
नारी टूटती नहीं किन्तु क्रोधित अवश्य हो जाती है, नारी के क्रोध का कोई सानी नहीं !
नारी से प्रेम करें तो वो अटूट प्रेम करेगी, नारियों में शत्रुता का स्वभाव नहीं होता, किन्तु नारी रूठना भी जानती है।
नारी है तभी इस संसार का महत्व भी है अन्यथा नहीं होता।

अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय श्री कृष्ण !

08/03/2019
अंगिरा प्रसाद मौर्य

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