सनातन सभ्यता को आज विभक्त कर नियमों को धर्म कहा जाता है। आज अन्य धर्म कहते हैं चलो हमारे साथ पकड़ के हाथ, जबकि सनातन सभ्यता के नियम आज भी वही कहते हैं-मानवता रखो, सदाचारी बनो, जगत-हितकारी बनो,ना की दुराचारी बनो, परोपकारी बनो, सज्जन बनो व्योहारिक बनो आदि बहुत नियम हैं जैसे ये भी कि अपने से बड़ों का इज्ज़त करना हमारा धर्म है।।
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तो गर्व से कहो हम हिन्दू हैं।---हिन्द गौरव---
।।जय हिन्द।।वन्दे-मातरम।।
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शुक्रवार, 20 सितंबर 2013
सनातन सभ्यता के हित में दो शब्द
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