शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

शुभ प्रभात

रात गई हो नव-संसार,
खुशियों के हों नव-आसार,
नई चलो फिर बात करें हम,
मिलकर शुभ-प्रभात करें हम।

कल जो था वो बीत गया अब,
सूरज देखो प्रीत नया अब,
कल भी हो जमकर उजियारा,
उठो स्नेहियों शीत गया अब।

हम जागे तो जग जागेगा,
हम भागे तो जग भागेगा,
हमे नहीं कायर है बनना,
भारत दुनियाँ का है गहना।

सभी दिलों में राज करें हम,
सभी सुरों को ताज करें हम,
नई चलो फिर बात करें हम,
मिलकर शुभ-प्रभात करें हम।
२५/०७/२०१४
   ~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या।

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